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स्कूल भवन निर्माण में लापरवाही: DEO समेत 3 अफसरों को कलेक्टर का नोटिस

बिलासपुर। राज्य सरकार द्वारा बजट स्वीकृत किए जाने के बावजूद सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) के अधिकारियों ने फाइल दबाकर रख दी, जिससे 18 स्कूलों में निर्माण कार्य रुका पड़ा है। मामले का खुलासा तब हुआ जब राज्य कार्यालय ने ऑनलाइन प्रोग्रेस स्टेटस रिपोर्ट चेक की और पाया कि बजट अब भी अनयूज्ड (अप्रयुक्त) है।

राज्य सरकार ने दी थी स्वीकृति, अफसरों ने दबा दी फाइल

शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले शासन ने स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए बजट पास और निर्माण की मंजूरी दे दी थी। लेकिन RMSA के अफसरों ने फाइल आगे नहीं बढ़ाई और निर्माण एजेंसी तक पहुंचाई ही नहीं। इससे स्कूलों में बच्चों के लिए जगह की समस्या बनी हुई है, जो बरसात के मौसम में और भी गंभीर हो सकती है।

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कलेक्टर का सख्त रुख, 3 अफसरों को थमाया नोटिस
राज्य शासन से जानकारी मिलने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने DEO अनिल तिवारी, एडीपीओ रामेश्वर जायसवाल और सिविल सेक्शन प्रभारी चंद्रभान ठाकुर को नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब मांगा है।

नोटिस में पूछा गया है:
फंड स्वीकृति के बाद भी फाइल क्यों नहीं बढ़ाई गई?
निर्माण कार्य प्रारंभ करने में देरी क्यों की गई?

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कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि यदि जवाब असंतोषजनक पाया गया तो एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।

राज्य शासन ने पकड़ी गड़बड़ी
ऑनलाइन निगरानी प्रणाली से राज्य कार्यालय ने जब प्रगति की रिपोर्ट देखी तो सामने आया कि फंड तो जारी कर दिया गया है, लेकिन कार्य प्रारंभ ही नहीं हुआ। इसके बाद यह जानकारी कलेक्टर को भेजी गई, जिसने तुरंत कार्रवाई की।

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शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण योजना में अफसरों की उदासीनता और लापरवाही अब उजागर हो गई है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो बच्चों की पढ़ाई और स्कूलों की व्यवस्था प्रभावित होती। कलेक्टर द्वारा उठाया गया कदम अब इन अफसरों की जवाबदेही तय करेगा।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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