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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

विमला दीदी ने धूमधाम से की बेटे की शादी, स्वयं के इलाज में भी मिली मदद…. चेरवापारा गौठान में फेंसिंग पोल निर्माण कार्य से जुड़कर सपने साकार कर रहीं मां अम्बे समूह की महिलाएं, 9 लाख रुपए का हुआ शुद्ध लाभ….

विमला दीदी ने धूमधाम से की बेटे की शादी, स्वयं के इलाज में भी मिली मदद

चेरवापारा गौठान में फेंसिंग पोल निर्माण कार्य से जुड़कर सपने साकार कर रहीं मां अम्बे समूह की महिलाएं, 9 लाख रुपए का हुआ शुद्ध लाभ

रायपुर। कोरिया जिले के विकासखण्ड बैकुण्ठपुर के ग्राम पंचायत चेरवापारा में समूह की महिलाओं के जीवन में अब सकारात्मक बदलाव आया है। शासन की नरवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी योजना से जुड़कर इन्हें गांव में ही काम मिला और आत्मनिर्भर जीवन की शुरुआत हुई। आज ये महिलाएं बहुत सी आजीविकामूलक गतिविधियों का संचालन कर अपने सपने साकार कर रहीं हैं। ग्राम गौठान चेरवापारा के मल्टीएक्टिविटी सेंटर में मां अम्बे समूह की पांच महिलाएं फेंसिंग पोल बनाने का काम कर रही हैं।

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बीते 3 वर्षों में महिलाओं ने 8 हज़ार से भी अधिक फेंसिंग पोल का निर्माण किया है, महिलाएं सिर्फ पोल बना ही नहीं रही, बड़े ही कुशल व्यवसायी की तरह उनका विक्रय भी कर रही हैं। समूह की दीदियों ने बताया कि उन्होंने अब तक 8 हज़ार 600 पोल का विक्रय किया है, जिससे उन्हें 26 लाख रुपये की आय हुई। जिससे समूह को 9 लाख रुपए का शुद्ध लाभ हुआ। महिलाओं ने बताया कि 1 दिन में वे लगभग 60 पोल बना लेती हैं। एक पोल की लागत 210 रुपये तक रहती है और विक्रय में 270 से 300 रुपये तक में एक पोल बेचते हैं। एक पोल पर 80-90 रुपये मुनाफा रहता है।

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विमला दीदी ने धूमधाम से की बेटे की शादी, स्वयं के इलाज में भी मिली मदद

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समूह की सदस्य विमला राजवाड़े शासन का धन्यवाद देते हुए बताती हैं कि इस आजीविका से उन्हें जो राशि मिली उससे उन्होंने अपने बेटे की शादी बड़े ही धूमधाम से की तथा स्वयं के इलाज में भी उन्हें सहारा मिला। इसी प्रकार समूह की अन्य महिलाओं ने भी अपने परिवार को आर्थिक सहारा दिया। समूह की सदस्य राजकुमारी, फुलेश्वरी, किस्मत बाई और लीलावती ने फेंसिंग पोल निर्माण से अपनी घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ कई सपनों को पूरा किया है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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