भाजपा सरकार के राज में छत्तीसगढ़ में महिलाएं असुरक्षित : शेषराज हरबंश…

जांजगीर-चांपा। नौ माह के भाजपा सरकार के राज में छत्तीसगढ़ में महिलाएं असुरक्षित हो गई हैं। रोज- रोज प्रदेश में कहीं न कहीं सामूहिक बलात्कार की घटना हो रही है। ये बातें पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश ने पत्रकारवार्ता के दौरान कही।
उन्होंने आगे कहा कि इससे बड़ा दुर्भाग्यजनक क्या हो सकता है कि राजधानी में महिलायें सुरक्षित नहीं है। रायपुर के नया बस स्टैण्ड में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म होता है। दूसरे दिन रिपोर्ट लिखी गई, उसमें भी सामृूहिक दुष्कर्म को नकार दिया गया। बलात्कार की रिपोर्ट लिखी गई, यहां भी पुलिस अपराधियों को सजा देने के बजाय उन्हें बचाने में लगी है। विधायक हरबंश ने आगे कहा कि महिलायें खुले में बाहर निकलने में भयभीत हो रही है। बस्तर, जशपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर से लेकर राजधानी रायपुर में भी महिलायें खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। बेहद दुर्भाग्यजनक है कि सरकार जिसे इन मामलों को गंभीरता से लेकर कार्यवाही करवाना चाहिये, वह बलात्कार जैसी घटनाओं को भी छुपाने और अपराधियों को बचाने का काम कर रही है। अभी तक 8 माह में प्रदेश में महिलाओं के प्रति 3094 अपराध हुए हैं तथा 600 से अधिक बलात्कार की घटना हुई है। उन्होंने आगे कहा कि भिलाई के डीपीएस स्कूल में 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुराचार की घटना हो गयी। बिना एफआईआर के एसपी ने घटना को नकार दिया, जबकि पास्को एक्ट में प्रावधान है कि ऐसी कोई घटना होने पर पहले एफआईआर होना चाहिये, उसके बाद जांच होनी चाहिये। भिलाई के बच्ची के साथ दुराचार के मामले में दो-दो डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बच्ची के निजी अंगों में चोट है, कुछ गलत हुआ है, उसके बाद भी एसपी मामले को नकारते हैं। विधायक हरबंश ने आगे कहा कि हम पूछना चाहते हैं कि पुलिस ने एफआईआर कब किया? मेडिकल बोर्ड का गठन कब हुआ? बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण कब कराया गया?घटना सरकार के संज्ञान में था। सरकार ने क्या कार्यवाही की? उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि
पास्को एक्ट में एफआईआर बिना किये क्लीन चीट दिये जाने के कारण एसपी पर कार्यवाही क्यों नहीं की गई? रायगढ़ के पुसौर में एक आदिवासी महिला के साथ 14 लोगों ने दुराचार किया, पुलिस रिपोर्ट लिखने में बहानेबाजी कर रही थी, मीडिया में दबाव के बाद रिपोर्ट लिखी गई। जशपुर के एक नाबालिक बच्ची के साथ सामूहिक दुराचार हो गया। कोण्डागांव में एक महिला के साथ सामूहिक दुराचार हो गया, 20 दिन तक रिपोर्ट नहीं लिखी गई। उन्होंने आगे कहा कि बेहद दुर्भाग्यजनक है कि बंगाल की घटना पर प्रतिक्रिया देने वाले भाजपाई छत्तीसगढ़ में 4 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी पर मौन है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि हम अपनी बहन, बेटियों की रक्षा की लड़ाई लड़ेंगे, आंदोलन करेंगे और सरकार को महिलाओं की सुरक्षा के लिये मजबूर करेंगे। इस दौरान जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप, जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष रमेश पैगवार, महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष सीमा शर्मा, नगर पालिका जांजगीर के अध्यक्ष भगवान दास गढ़ेवाल, पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश शर्मा, शिशिर द्विवेदी, रफीक खान, रफीक सिद्धिकी, टिंकू मेमन, डॉ. परस शर्मा आदि उपस्थित रहे।



