Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

गंभीर से गंभीर किस्म की बीमारियों के मरीजों के लिए संजीवनी साबित हो रहा ‘सेराजेम’, शुगर, ब्लड पे्रशर, सायटिका आदि से पीड़ित ढाई हजार से अधिक लोग उठा चुके हैं लाभ, कलेक्टोरेट चौक जांजगीर में संचालित भगवती बुध हेल्थ केयर सेंटर में दी जा रही फ्री थेरेपी…

जांजगीर-चांपा। गंभीर से गंभीर किस्म की बीमारियों के मरीजों के लिए ‘सेराजेम’ संजीवनी साबित हो रहा है। कलेक्टोरेट चैक जांजगीर में संचालित भगवती बुध हेल्थ केयर सेंटर में शुगर, ब्लड पे्रशर, सायटिका, आर्थराइटिस, घुटनों का दर्द, स्पाॅन्डीलीसिस, नसों से जुड़ी तकलीफ, सिर दर्द, लकवा, खून से जुड़ी तकलीफ, गैस एवं कब्जियत आदि से पीड़ित ढाई हजार से अधिक लोग फ्री थेरेपी लेकर अब तक लाभान्वित हो चुके हैं। वर्तमान में डेढ़ सौ से दो सौ लोग यहां रोजाना आकर फ्री थेरेपी ले रहे हैं, जिससे उन्हें न केवल गंभीर किस्म की बीमारियों से छुटकारा मिल रहा है बल्कि, उन्हें यहां आकर जीवन जीने का एक नया अनुभव भी प्राप्त हो रहा है।

दरअसल, दक्षिण कोरिया से शुरू हुई सेराजेम थेरेपी अब जांजगीर-चांपा जिले सहित छत्तीसगढ़ के ऐसे लोगों को भाने लगी है, जो अपनी शारीरिक समस्याओं से निजात पाना चाहते हैं। यही वजह है कि गंभीर से गंभीर किस्म की बीमारियों से जूझ रहे लोगों की जिला मुख्यालय जांजगीर के कलेक्टोरेट चैक में संचालित भगवती बुध हेल्थ केयर सेंटर में रोजाना सुबह से शाम तक भीड़ जुटती है, जिन्हें प्रशिक्षित ट्रेनरों द्वारा 40-40 मिनट की फ्री थेरेपी दी जाती है। थेरेपी से पहले इस सेंटर के डाॅयरेक्टर अरविंद कुमार, मैनेजर भारती सरवन, प्रशिक्षित ट्रेनर राजेश्वरी कैवर्त, नम्रता एवं दुर्गेश कुमार द्वारा मोटिवेशनल स्पीच देकर कुछ मिनट तक उपस्थित सभी लोगों को शारीरिक व्यायाम भी करवाया जाता है, जिससे लोगों को जीवन जीने का एक नया अनुभव भी प्राप्त हो रहा है। सेंटर की मैनेजर भारती सरवन ने बताया कि सेराजेम अनुभव सेंटर भारत सहित 77 देशों में 2500 से भी अधिक स्थानों पर संचालित है, जहां सुबह से शाम तक लोगों को फ्री थेरेपी दी जाती है। इस थेरेपी में कई लोगों को असाध्य रोगों में बहुत फायदा हुआ है। लकवा के कारण हाथ-पैर ऊपर उठाने में असमर्थ व्यक्ति इसकी सहायता से अपनी परेशानी दूर कर सकता है। आम तौर पर इस तरह के लोगों में एक सप्ताह के बाद ही फायदा नजर आने लगता है। इसी तरह कई अन्य प्रकार की समस्याएँ, जो पुरुषों या महिलाओं को परेशान करते हैं, जैसे घुटनों में दर्द आदि में पूरा फायदा मिलता है। उन्होंने बताया कि भगवती बुध हेल्थ केयर सेंटर पूर्व में रायगढ़ में संचालित था, जिसे बाद में चांपा में करीब आठ वर्षों तक संचालित किया गया। वर्तमान में यह सेंटर जांजगीर के कलेक्टोरेट चौक में संचालित हो रहा है, जहां दो साल के भीतर करीब ढ़ाई हजार लोगों को फ्री थेरेपी दी जा चुकी है। वहीं इस थेरेपी से प्रभावित होकर करीब दर्जन भर लोगों ने थेरेपी मशीन भी खरीदी है, जिसका वे अपने घरों पर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि थेरेपी सेंटर में किसी भी प्रकार की डाॅक्टरी सलाह नहीं दी जाती है। सेराजेम सेंटर केवल अनुभव परख और जानकारी मात्र के लिए है।

See also  निर्वाचन प्रक्रिया का अंतिम पड़ाव है मतगणना, प्रेक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण - रीना बाबासाहेब कंगाले, देश के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ के 56 अधिकारी निभाएंगे मतगणना प्रेक्षक की भूमिका, मतगणना प्रेक्षकों ने समझी मतगणना की बारीकियां
लोगों की गवाही के आधार पर फायदे
भगवती बुध हेल्थ केयर सेंटर जांजगीर के डाॅयरेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी प्रकार की शारीरिक समस्या से जूझ रहा है। वहीं संतुलित खानपान एवं जीवनशैली के अभाव में आज हर दूसरे-तीसरे व्यक्ति को शुगर, ब्लड पे्रशर, गैस एवं कब्जियत जैसी परेशानी है। कुछ लोग तो ऐसे भी हैं, जो इन बीमारियों के समाधान के लिए बड़े से बड़े अस्पतालों का चक्कर काट चुके हैं। बावजूद इसके, उन्हें कोई खास लाभ नहीं हुआ है। ऐसे लोग अब योगा, सुबह-शाम वाॅक के अलावा प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से प्रभावित होकर इन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं। इन्हीं में से एक सेराजेम थेरेपी भी है, जिसके फायदे लोगों की गवाही के आधार पर हैं।
सर्वाधिक पुरानी थेरेपियों में से एक सेराजेम

भगवती बुध हेल्थ केयर सेंटर जांजगीर की प्रशिक्षित टेªनर राजेश्वरी कैवत्र्य ने बताया कि दुनिया भर में अलग-अलग तरह के कई थेरेपी प्रचलित हैं। सेराजेम थेरेपी इन्हीं थेरेपियों में से एक है। सेराजेम नाम से आज साउथ कोरिया में एक कंपनी है, जो इस थेरेपी की मदद से 77 से भी ज्यादा देशों में लोगों का स्वास्थ्य सुधारने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि दक्षिण कोरिया से शुरू हुए इस थेरेपी का इस्तेमाल आज पूरे विश्व में किया जा रहा है। सेराजेम थेरेपी को विश्व की सर्वाधिक पुरानी थेरेपियों में से एक माना जाता है। जाहिर है अपने विशिष्ट गुणों के कारण ही इसका इस्तेमाल प्राचीनकाल से होता रहा है। सेराजेम थेरेपी के इस्तेमाल से आप कई असाध्य रोगों का उपचार कर सकते हैं।
सेराजेम थेरेपी के काम करने का तरीका
भगवती बुध हेल्थ केयर सेंटर की प्रशिक्षित टेªनर नम्रता ने बताया कि जिस तरह पेड़ की मजबूती का आधार उसकी जड़ होती है, भवन की मजबूती का आधार उसकी नींव, गाड़ी का चेसिस, ठीक उसी तरह मानव शरीर में रीढ़ की हड्डी आधार होती है। इसी रीढ़ की हड्डी पर हमारा स्नायुतंत्र होता है, जिसकी देखभाल से हम शरीर का स्वास्थ्य उत्तम बनाए रख सकते है। सेराजेम थेरेपी में रीढ़ की हड्डी की मशीन द्वारा मसाज की जाती है। यह मशीन स्वचालित होती है, जो जहां ज्यादा जरुरत है, वहां उसी अनुरूप मसाज करती है। उन्होंने कहा कि मशीन बनाने वाली कंपनी की रिसर्च टीम का मानना है कि इस मशीन द्वारा रीढ़ की हड्डी की मसाज कर कई रोग ठीक किए जा सकते है। यदि किसी को कोई समस्या है तो सेराजेम थेरेपी सेंटर आकर रोग निदान के लिए निःशुल्क सेराजेम थेरेपी ले सकते हैं और इस थेरेपी का फायदा उठाते हुए अपने शरीर को निरोग बना सकते हैं।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!