Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

25 सितंबर से जांजगीर में गूंजेगा ‘उपनिषद ज्ञानामृत’ का संदेश, हाईस्कूल मैदान में 8 अक्टूबर तक चलेगा आध्यात्मिक प्रवचन एवं साधना कार्यक्रम, रासेश्वरी देवी देंगी प्रवचन

जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय जांजगीर का हाईस्कूल मैदान आगामी दिनों में आध्यात्मिक ज्ञान, साधना और आत्मचिंतन के संदेश से गुंजायमान होगा। यहां 25 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक रासेश्वरी देवी के सानिध्य में ‘उपनिषद ज्ञानामृत एवं रूपध्यान साधना’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों, शिक्षकों और प्रबुद्धजनों में उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है और आयोजन को व्यापक स्वरूप देने के लिए विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान रासेश्वरी देवी द्वारा उपनिषदों में निहित आध्यात्मिक ज्ञान, जीवन मूल्यों, आत्मचिंतन, साधना और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर प्रवचन दिया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, उपनिषदों के गूढ़ संदेशों को सरल एवं सहज भाषा में जनसामान्य तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि लोग आध्यात्मिक ज्ञान को अपने दैनिक जीवन से जोड़ सकें।

आध्यात्मिक ज्ञान के साथ साधना पर जोर

‘उपनिषद ज्ञानामृत एवं रूपध्यान साधना’ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रवचन सुनने तक सीमित नहीं रखा गया है। आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को ध्यान, साधना, आत्मचिंतन और आंतरिक शांति की दिशा में प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा। भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में उपनिषदों के महत्व तथा जीवन को बेहतर बनाने में उनके विचारों की भूमिका पर भी चर्चा होगी।

See also  CG NEWS : नौकरी पाने के चक्कर में युवक पैसा गंवा बैठा, किया सुसाइड…

आयोजकों का कहना है कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बीच व्यक्ति के लिए आत्मचिंतन और मानसिक शांति का महत्व बढ़ गया है। ऐसे में आध्यात्मिक कार्यक्रम लोगों को अपने भीतर झांकने और जीवन के मूल उद्देश्यों पर विचार करने का अवसर प्रदान कर सकते हैं।

Advertisment

नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने की पहल

आयोजन से जुड़े लोगों ने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति, संस्कार, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चिंतन से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत की जानकारी मिलना भी आवश्यक है।

इसी उद्देश्य से आयोजन के दौरान बाल संस्कार शिविर आयोजित किए जाने की भी योजना है। प्रस्तावित शिविर में बच्चों को योग, ध्यान, संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्यों से संबंधित गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ उनमें सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को विकसित करने पर जोर रहेगा।

See also  नवा रायपुर में बनेगी राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी, खेल प्रतिभाओं को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच

आयोजन की तैयारियों को लेकर बैठक

कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में शिक्षकगण, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और प्रबुद्धजनों ने सहभागिता की। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, प्रचार-प्रसार, श्रद्धालुओं की सहभागिता तथा व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई। कार्यक्रम की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और सामूहिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में बाल संरक्षण आयोग छत्तीसगढ़ के सदस्य मन्मथ नाथ शर्मा, अरुण तिवारी, अनुभव तिवारी, विक्रान्त साहू, बीएमएस महामंत्री संजय चौहान, राघवेन्द्र शर्मा, शिवम, दिनेश, यशपाल चौबे, राहुल भार्गव, राजू जगत सहित शिक्षक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

14 दिनों तक चलेगा आयोजन

25 सितंबर से प्रारंभ होकर 8 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा जिले के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा और कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की जा रही है।

See also  आइसक्रीम मांगने की बात पर विवाद करते हुए दुकान संचालक एवं उसके पुत्रों के साथ मारपीट करने वाले तीन आरोपियों को मुलमुला पुलिस ने किया गिरफ्तार...

उपनिषदों के ज्ञान को सरल भाषा में पहुंचाने का प्रयास

आयोजकों के अनुसार, उपनिषद भारतीय दर्शन और आध्यात्मिक चिंतन की महत्वपूर्ण परंपरा का हिस्सा हैं। इनमें आत्मा, परम सत्य, जीवन, ज्ञान और आत्मचिंतन जैसे विषयों पर गहन विचार प्रस्तुत किए गए हैं। ‘उपनिषद ज्ञानामृत’ कार्यक्रम के माध्यम से इन्हीं विचारों को सरल और व्यावहारिक रूप में लोगों के बीच रखने का प्रयास किया जाएगा।

रासेश्वरी देवी के सानिध्य में होने वाले इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्सुकता है। आयोजकों का कहना है कि प्रवचन, साधना और संस्कार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को आध्यात्मिक चिंतन का अवसर मिलेगा तथा भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!