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लंबे अर्से से एक ही पंचायत में जमे सचिवों की हो प्रशासनिक सर्जरी
तीन साल से अधिक समय से एक ही पंचायत में पदस्थ सचिवों के फेरबदल की उठी जरूरत, जिला पंचायत सीईओ से संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग

जांजगीर-चांपा, 29 अगस्त 2026। जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ पंचायत सचिवों के तबादले को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर पहल किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है। कई पंचायतों में पंचायत सचिव वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। ऐसे में प्रशासनिक कसावट, पारदर्शिता और पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने के लिए लंबे समय से एक ही पंचायत में जमे सचिवों का स्थानांतरण किया जाना आवश्यक माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि जांजगीर-चांपा सहित सक्ती जिले के पंचायत विभाग में लंबे समय से व्यापक स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल नहीं हुआ है। इसके चलते कई पंचायत सचिव एक ही पंचायत में तीन वर्ष या उससे अधिक समय से पदस्थ हैं। लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ रहने के कारण जहां प्रशासनिक कार्यप्रणाली में एकरूपता आने की संभावना रहती है, वहीं पंचायतों में विकास कार्यों की गति और कार्यशैली को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
जनपद सीईओ से मांगा जाए पंचायत सचिवों का प्रतिवेदन
पंचायत विभाग में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जिले के सभी जनपद पंचायत सीईओ को निर्देश जारी कर पंचायत सचिवों की पदस्थापना अवधि, वर्तमान पंचायत, कार्यभार एवं लंबित कार्यों से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन मंगाया जा सकता है। इस प्रतिवेदन के आधार पर उन पंचायत सचिवों की सूची तैयार की जा सकती है, जो लंबे समय से एक ही पंचायत में पदस्थ हैं।
इसके बाद प्रशासनिक सुविधा, पंचायतों के सुचारू संचालन और विकास कार्यों में तेजी लाने की दृष्टि से आवश्यकतानुसार पंचायत सचिवों का फेरबदल किया जा सकता है।
शिकायतों वाले पंचायतों पर भी हो विशेष नजर
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिव पंचायत प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। ग्राम पंचायतों में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन, हितग्राही योजनाओं, पंचायत बैठकों, अभिलेख संधारण, विकास कार्यों सहित विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन सचिवों के माध्यम से किया जाता है। ऐसे में उनकी कार्यशैली का पंचायत के कामकाज पर सीधा असर पड़ता है।
यदि किसी पंचायत सचिव के खिलाफ लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं या पंचायत के विकास कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रहे हैं, तो ऐसे मामलों की भी समीक्षा किए जाने की आवश्यकता है। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ संबंधित सचिव की पदस्थापना अवधि को भी ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक निर्णय लिया जा सकता है।
फेरबदल से पंचायत विभाग में आएगी कसावट
लंबे समय से एक ही पंचायत में पदस्थ सचिवों का स्थानांतरण केवल तबादले तक सीमित न रहकर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। नई पंचायत में पदस्थापना मिलने से सचिवों को नई कार्यप्रणाली और नई चुनौतियों के बीच काम करने का अवसर मिलेगा। इससे पंचायतों में जवाबदेही बढ़ने और विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की व्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
जिला पंचायत सीईओ से पहल की उम्मीद
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों के विकास और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ को इस मामले में संज्ञान लेकर जिले के सभी जनपद पंचायत सीईओ से पंचायत सचिवों का विस्तृत प्रतिवेदन मंगाने की पहल करनी चाहिए। प्रतिवेदन के आधार पर लंबे समय से एक ही पंचायत में पदस्थ सचिवों की समीक्षा कर प्रशासनिक आवश्यकता के अनुरूप स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
जानकारों का मानना है कि यदि लंबे समय बाद पंचायत सचिवों का व्यापक स्तर पर फेरबदल किया जाता है तो इससे पंचायत विभाग में प्रशासनिक कसावट आने के साथ ही वर्षों से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारियों के कामकाज की भी नई समीक्षा हो सकेगी। साथ ही पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने और शासन की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है।



