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जिला जेल जांजगीर का बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने किया निरीक्षण
प्रधान जिला न्यायाधीश, कलेक्टर और एसपी सहित अधिकारियों ने बंदियों को मिल रही सुविधाओं का लिया जायजा, भोजन की गुणवत्ता भी जांची

जांजगीर-चांपा, 19 सितंबर 2026। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन (सिविल) क्रमांक 1404/2023 सुकन्या संस्था बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में पारित आदेश के निर्देशों के अनुपालन में शनिवार को जिला जेल जांजगीर का बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, विधिक सहायता, स्वास्थ्य, भोजन, पेयजल तथा अन्य व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना था।
निरीक्षण के दौरान जयदीप गर्ग, प्रधान जिला न्यायाधीश एवं सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर-चांपा, मनोज कुमार कुशवाहा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जन्मेजय महोबे, कलेक्टर जांजगीर-चांपा, विजय कुमार पांडेय, पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा, मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी अनिता श्रीवास्तव, उप संचालक कृषि आर.के. शर्मा, जिला रोजगार अधिकारी एम.आर. जायसवाल, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जेवियर टोप्पो सहित लोक निर्माण विभाग, समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने जेल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
विधिक सहायता और लीगल एड क्लिनिक की व्यवस्थाएं देखीं
बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने जिला जेल में संचालित लीगल एड क्लिनिक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बंदियों को उनके प्रकरणों में उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता, अधिवक्ता की सुविधा तथा कानूनी प्रक्रिया से संबंधित समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई। इस दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता लिलेश्वर प्रसाद रत्नाकर तथा पैरालीगल वालेंटियर जयराम गढ़ेवाल भी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने यह भी जानकारी ली कि बंदियों को अपने मामलों से संबंधित जानकारी एवं आवश्यक कानूनी सहायता समय पर मिल रही है या नहीं।
मुलाकाती हेल्प डेस्क और वीसी कक्ष का निरीक्षण
निरीक्षण दल ने जेल परिसर में बंदियों के परिजनों के लिए बनाए गए मुलाकाती हेल्प डेस्क तथा जेल में स्थापित वीसी कक्ष का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने मुलाकात व्यवस्था, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा और बंदियों तथा उनके परिजनों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
इसके साथ ही जेल भवन, बैरकों के निर्माण एवं उनकी स्थिति, मुलाकात कक्ष तथा अन्य आवश्यक स्थानों की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया।
भोजन की गुणवत्ता और पेयजल व्यवस्था की जांच
निरीक्षण के दौरान बंदियों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया। भोजन की व्यवस्था और गुणवत्ता की जानकारी लेने के साथ ही पेयजल की उपलब्धता तथा उसकी व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने जेल में बंदियों को प्रदान की जा रही दैनिक सुविधाओं की स्थिति की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली।
शौचालय, कपड़े और प्राथमिक चिकित्सा सुविधा का भी लिया जायजा
बोर्ड ने जेल की टॉयलेट व्यवस्था, पेयजल, बंदियों के कपड़ों की स्थिति तथा प्राथमिक चिकित्सा सुविधा का भी निरीक्षण किया। बंदियों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली गई।
अधिकारियों ने जेल में रखे जाने वाले विभिन्न रजिस्टरों का भी अवलोकन किया और जेल प्रशासन की रिकॉर्ड व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की।
शिकायत पेटी और बंदियों की समस्याओं की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान जेल में स्थापित शिकायत पेटी तथा बंदियों द्वारा बताई जाने वाली समस्याओं की व्यवस्था की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि बंदियों की शिकायतों एवं समस्याओं का निराकरण किस प्रकार किया जा रहा है।
इसके अलावा जेल के अंदर जाति भेदभाव से संबंधित किसी प्रकार की शिकायत या समस्या के संबंध में भी संपूर्ण जानकारी ली गई। निरीक्षण दल ने बंदियों को उपलब्ध सुविधाओं और जेल की समग्र व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक डी.डी. टोडर सहित जेल प्रशासन के अधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा जेल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और विधिक सहायता की स्थिति की जानकारी प्राप्त की गई।



