दिल्ली में CJP प्रदर्शन के बीच पत्थरबाजी, 2 पुलिसकर्मी घायल; 50 प्रदर्शनकारी हिरासत में, जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा

नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच तनाव की स्थिति बन गई। कनॉट प्लेस के पास PTI बिल्डिंग के नजदीक पुलिस पर पत्थर फेंके जाने की घटना सामने आई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। घटना के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाने की मांग को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी राजधानी के अलग-अलग इलाकों में जुटने लगे, जिसके बाद पुलिस ने हिरासत में लेने की कार्रवाई तेज कर दी।
जंतर-मंतर पर पुलिस की कार्रवाई, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके सहित पार्टी से जुड़े कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर है। यूट्यूबर ध्रुव राठी और पार्टी की लीगल हेड रत्ना को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग की। पुलिसकर्मी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं और प्रमुख चौराहों पर वाहनों तथा लोगों की जांच की जा रही है।
45 मेट्रो स्टेशन बंद, कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने की व्यवस्था की गई थी। यह प्रतिबंध 10 अक्टूबर की शाम 6 बजे तक निर्धारित था। नई दिल्ली के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगाई गई।
मंडी हाउस, फिरोजशाह रोड, बाराखंबा रोड और कनॉट प्लेस की ओर जाने वाले कई रास्तों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले मार्गों पर आवाजाही नियंत्रित की गई और कुछ स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहा। पुलिस ने लोगों से यात्रा से पहले मार्गों की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की।
दिल्ली पुलिस ने क्यों नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, CJP की ओर से प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन 7 अक्टूबर को दिया गया था, जबकि प्रदर्शन 10 अक्टूबर को प्रस्तावित था। पुलिस ने इसे निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप नहीं बताया। इसके अलावा, पहले हुए प्रदर्शनों के दौरान नियमों और शर्तों के कथित उल्लंघन तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं को भी अनुमति नहीं देने की वजह बताया गया।
नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने का हवाला देते हुए पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
नितिन नवीन ने विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
CJP प्रदर्शन को लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व वाला इंडिया गठबंधन और CJP देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इन गतिविधियों के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है।
नितिन नवीन के ये बयान राजनीतिक आरोप हैं। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया पर रोक की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया है।
दिल्ली में पत्थरबाजी की घटना और हिरासत में लिए गए लोगों को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है। घायलों की स्थिति, हिरासत में लिए गए लोगों की अंतिम संख्या और घटना के संबंध में पुलिस का विस्तृत बयान सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।



