विश्व आज भारत की ओर निहार रहा है, यह संघ की 100 वर्षों की अखण्ड साधना का प्रतिफल है…

हिन्दू विचार जब तक है तब तक विश्व मे शांति है।
अकलतरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का वर्ष प्रतिपदा कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जांजगीर चांपा जिला कार्यवाह अमित गौरहा थे उन्होंने कहा कि संघ का छःउत्सवों में से एक उत्सव वर्ष प्रतिपदा है जिसे संघ मनाता आ है। भारत हिन्दू राष्ट्र है. स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि गर्व से कहो – हम हिन्दू हैं. इसी संकल्प को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने दोहराया। डॉ. हेडगेवार कहते थे – देशभक्ति सिर्फ विचार-विमर्श का विषय नहीं है, यह आचरण का विषय है. व्यक्ति के आचरण में जब देश हित का भाव निहित होगा, तब देशभक्ति के आचरण से ओतप्रोत समाज का निर्माण होगा और आज समाज में इसी आचरण की आवश्यकता है।
रविवार को ग्राम कोटमी सोनार के मिडिल स्कूल में केशव प्रभात शाखा में आयोजित वर्ष प्रतिपदा उत्सव में उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार के संकल्प और संघर्ष का प्रतिफल है कि आज संघ अपनी शताब्दी वर्ष मना रहा है और यह ऐसा समय है, जब सम्पूर्ण विश्व भारत की ओर निहार रहा है.
‘हमें वीर केशव मिले आप जब से, नई साधना की डगर मिल गई है’ गीत की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए स्वयंसेवकों से पंच प्रण पूर्ण करने का आह्वान किया. स्वयंसेवकों को सामाजिक परिवर्तन के पांच आयामों पर अपने कार्य को केंद्रित रखना है। इन पांच आयामों में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण, नागरिक कर्तव्य शामिल हैं. हमे परिवार के साथ समय बिताने चाहिए एवं एक साथ सप्ताह या महीने में भोजन भी करना चाहिए जिससे परिवार में लगाव बढ़े ,आज परिवार में ही टकराव हो रहे है।
अयोध्या में प्रभु श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए आंदोलन में स्वयंसेवकों के संघर्ष का स्मरण किया. साथ ही भारत के अमृत काल में प्रवेश और संघ के शताब्दी वर्ष की ओर बढ़ती यात्रा के समय में समाज को दिशा देने में संघ की भूमिका से रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि समाज में विभेद के विरुद्ध विमर्श खड़ा करना तथा समरसता के लिए निरंतर प्रयास करना संघ का लक्ष्य है अस्पृश्यता समाज के लिए कलंक है। संघ इसे सामाजिक समरसता के जरिये मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर महंत सर्वेश्वर दास महाराज ने स्वयंसेवको सम्बोधित करते हुए कहा कि संघ प्रतिवर्ष अपने उत्सवों को संघ की शाखा में मनाती है
भारत आज हर क्षेत्र में अग्रणी है। तेजी से आर्थिक विकास कर रहा है। सामरिक और कूटनीतिक मोर्चों में बढ़ती क्षमता से विश्व परिचित है। ऐसे समय में भारतीय समाज को एकजुट होकर सामाजिक परिवर्तन के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य करना है हिन्दू विचार जब तक है, तब तक विश्व में शांति है।
इससे पूर्व अतिथियों ने संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और आद्य सरसंघचालक प्रणाम हुआ।
अमृत वचन का वाचन सुबोध थवाईत ने किया। प्रार्थना ललित सोनी द्वारा कराया गया। इस अवसर पर सीताराम दास महराज, रामशंकर सोनी,किसनु पाण्डेय,दिनेश सिंह,आनंद प्रकाश मिरी ,ऋतुपर्ण सिंह,गोलू थवाईत,अशोक पाठक, त्रिलोकी थवाईत, नूतन थवाईत राकेश शर्मा, टिकेश्वर सोनी, दिलीप सोनी,राजेश शर्मा,प्रिंस पाण्डेय, आदित्य,आशीष सोनी,नंद साहू, जयप्रकाश थवाईत,संस्कार साहित्य, शुभम सिंह, शिवम सोनी,प्रमोद थवाईत ,अंकित शुक्ला,श्रीकांत सोनी, सहित स्वयंसेवक उपस्थित रहे।



