Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

Rashi Steel And Power Limited News : युवा कांग्रेस का अल्टीमेटम: 10 दिन में राशि स्टील पर कार्रवाई नहीं हुई, तो मस्तूरी SDM दफ्तर का होगा घेराव

Rashi Steel And Power Limited News : युवा कांग्रेस का अल्टीमेटम: 10 दिन में राशि स्टील पर कार्रवाई नहीं हुई, तो मस्तूरी SDM दफ्तर का होगा घेराव

बिलासपुर (ग्रामीण): जिले के मस्तूरी तहसील अंतर्गत पाराघाट में स्थित राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गई है। जिला युवा कांग्रेस (ग्रामीण) ने कंपनी पर नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाते हुए एसडीएम मस्तूरी को ज्ञापन सौंपा है। कार्यकारी जिलाध्यक्ष सुनील पटेल के नेतृत्व में की गई इस शिकायत में कंपनी की कार्यप्रणाली पर 8 बड़े सवाल खड़े किए गए हैं।

शिकायत के मुख्य बिंदु: क्यों हो रहा है विरोध?
युवा कांग्रेस ने कंपनी पर जो आरोप लगाए हैं, वे न केवल पर्यावरण बल्कि सामाजिक और आर्थिक हितों से भी जुड़े हैं:

See also  बलात्कारी को फांसी देने सड़क पर उतरा जन सैलाब महाकाली संगठन एवं समस्त नगर वासियों द्वारा कैंडल मार्च निकाल जताया विरोध...

नियमों का उल्लंघन: बिना स्पष्ट वैधानिक अनुमति और NOC के कोल वॉशरी का संचालन किया जा रहा है।

Advertisment

प्रदूषण की मार: लीलागर नदी का पानी जहरीला होने की आशंका है और अत्यधिक धूल से ग्रामीणों का सांस लेना दूभर हो गया है।

श्रमिकों का शोषण: कर्मचारियों के वेतन से 24% PF काटा जा रहा है, लेकिन खातों में जमा होने को लेकर कोई पारदर्शिता नहीं है।

वादाखिलाफी: विस्थापितों को रोजगार नहीं मिला और CSR फंड का उपयोग केवल कागजों तक सीमित है।

बुनियादी ढांचा: भारी वाहनों के दबाव से PMGSY की सड़कें तबाह हो गई हैं और भू-जल स्तर खतरनाक रूप से गिर रहा है।

See also  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने की सौजन्य मुलाकात

10 दिनों का अल्टीमेटम
सुनील पटेल ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो युवा कांग्रेस प्रभावित ग्रामीणों के साथ मिलकर SDM कार्यालय का घेराव और अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेगी।

प्रशासनिक रुख
ज्ञापन सौंपने के बाद अब सबकी नजरें प्रशासन पर टिकी हैं। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि औद्योगिक इकाई की मनमानी ने उनके जीवन को नरक बना दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर जांच बिठाता है या कंपनी की मनमानी जारी रहती है।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!