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Raigarh POSCO Court Verdict : मासूम से ज्यादती करने वाले आरोपी को ‘प्राकृतिक जीवन’ तक उम्रकैद; कोर्ट ने कहा- “जेल में ही बीतेगा शेष जीवन”

रायगढ़, 27 फरवरी 2026 : रायगढ़ जिले के अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी (पॉक्सो) देवेंद्र साहू की अदालत ने आज एक मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध के मामले में अपना फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी सूरज निषाद को दोषी करार देते हुए उसे शेष प्राकृतिक जीवन (जब तक मृत्यु न हो जाए) तक के लिए कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

विश्वासघात और दरिंदगी का मामला मामला महिला थाना रायगढ़ का है, जहाँ आरोपी सूरज निषाद ने पड़ोस में रहने वाली एक 10 वर्ष से कम आयु की नाबालिग को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया था। आरोपी ने पड़ोस के रिश्ते और विश्वास का फायदा उठाकर लंबे समय तक मासूम का शोषण किया। जब बच्ची की तबीयत बिगड़ी और परिजनों को संदेह हुआ, तब जाकर इस खौफनाक वारदात का पर्दाफाश हुआ।

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न्यायालय की तल्ख टिप्पणी: “समाज के लिए कैंसर हैं ऐसे अपराधी” सुनवाई के दौरान 15 से अधिक गवाहों और पुख्ता मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर जुर्म साबित हुआ। सजा सुनाते हुए न्यायाधीश देवेंद्र साहू ने बेहद कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ऐसे जघन्य अपराध समाज के लिए कैंसर की तरह हैं, जिन्हें जड़ से उखाड़ना जरूरी है। कोर्ट ने आदेश दिया कि आरोपी को कोई छूट नहीं मिलेगी और उसे अपना बचा हुआ पूरा जीवन जेल में ही बिताना होगा।

7 लाख का मुआवजा और पुनर्वास न्यायालय ने केवल सजा ही नहीं सुनाई, बल्कि पीड़िता के भविष्य और पुनर्वास का भी ध्यान रखा। कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पीड़िता को 7 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस राशि का उपयोग मासूम की शिक्षा, चिकित्सा और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।

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पुलिस प्रशासन की प्रतिबद्धता रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि जिला पुलिस बच्चों और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में त्वरित कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। महिला थाना प्रभारी ने पुष्टि की कि सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

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यह फैसला न केवल एक पीड़ित परिवार को मिला न्याय है, बल्कि उन सभी अपराधियों के लिए एक सख्त चेतावनी भी है जो मासूमियत का गला घोंटने की कोशिश करते हैं।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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