Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

Mungeli News : मुंगेली में सरकारी खाते से 26.87 लाख का अनधिकृत ट्रांजेक्शन, कलेक्टर ने बताया गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी

मुंगेली : मुंगेली में कलेक्ट्रेट के पर्यावरण अधोसंरचना विकास उपकर खाते से 26.87 लाख रुपये के अनधिकृत ट्रांजेक्शन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यह खाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में संचालित था। मामले पर कलेक्टर कुंदन कुमार ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे बेहद गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी बताया है। उनका कहना है कि यदि शासकीय खाते से बिना खाताधारक की अनुमति एक पल के लिए भी राशि किसी निजी खाते में ट्रांसफर होती है, तो यह गंभीर फ्रॉड की श्रेणी में आता है। जिला प्रशासन ने बैंक प्रबंधन से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बाद में राशि खाते में वापस जमा कर देना मुद्दे का समाधान नहीं है। मूल सवाल यह है कि बिना अनुमति इतनी बड़ी रकम का ट्रांजेक्शन कैसे हुआ। प्रारंभिक जांच में करीब 9 लाख, 8 लाख और 6 लाख रुपये के तीन बड़े ट्रांजेक्शन सामने आए हैं, जबकि बैंक रिकॉर्ड में कुल छह ट्रांजेक्शन दर्ज बताए जा रहे हैं। इस पर आपत्ति जताते हुए कलेक्टर ने कहा कि इतनी बड़ी राशि के लेन-देन में शाखा प्रबंधक की आईडी का उपयोग अनिवार्य होता है। ऐसे में केवल एक कर्मचारी द्वारा, वह भी लंच टाइम के दौरान, ट्रांजेक्शन कर देने का तर्क गैर-जिम्मेदाराना प्रतीत होता है।

See also  केंद्रीय वित्त आयोग के दल ने की पंचायत, नगरीय निकाय एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ परिचर्चा...

जानकारी के अनुसार, यह खाता अपर कलेक्टर जी.एल. यादव के प्रभार में था और संबंधित राशि वर्ष 2019-20 की बताई जा रही है। वित्त विभाग के निर्देश पर जब खाते का e-KYC किया गया, तब इस अनियमितता का खुलासा हुआ। प्रशासन का सवाल है कि खाताधारक की जानकारी और सहमति के बिना राशि निजी खातों में कैसे ट्रांसफर हुई। फिलहाल बैंक की ओर से संबंधित कर्मचारी को निलंबित किए जाने की जानकारी दी गई है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि यह पर्याप्त जवाब नहीं है।

सूत्रों के अनुसार मामले की जांच अब विजिलेंस टीम को सौंप दी गई है। प्रशासन ने बैंक से जरूरी दस्तावेज और विस्तृत स्टेटमेंट मांगे हैं, जो अब तक संतोषजनक रूप से उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। कलेक्टर ने संकेत दिए हैं कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह प्रकरण शासकीय धन की सुरक्षा और बैंकिंग निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।

Advertisment

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!