छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
अवैध शराब का कारोबार रोकने में जैजैपुर और हसौद पुलिस नाकाम…

अवैध शराब का कारोबार रोकने में जैजैपुर और हसौद पुलिस नाकाम
सक्ति-जैजैपुर। जिले में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। प्रदेश में कोई भी सरकार हो और जिले में कितना भी तेज तर्रार अफसर, इस कारोबार में लिप्त माफियाओं तक कानून के लंबे हाथ कभी नहीं पहुंच पा रही है। सिंडीकेट चलाने वालाें पर पुलिस सीधे हाथ डालने से कतराती है। जिले के कई अलग अलग जगहों पर अवैध शराब बरामद किया जाता है, लेकिन शराब माफिया तक पुलिस का हाथ नहीं पहुंच पाना स्थानीय जिम्मेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते है। बीते कुछ हफ्तों में जिले के विभिन्न ब्लाकों में अवैध शराब के कारोबारी के ऊपर पैनी नजर रख कर बड़ी कार्यवाही की गई थी जिसे लेकर अवैध धंधे करने वालों के मन मे पुलिसःप्रशासन का ख़ौफ़ नजर आरहा था। लेकिन जिले के जैजैपुर, हसौद थाने अंतगर्त शराब के अवैध कारोबार करने वालों के ऊपर अंकुश न लगा पाने में स्थानीय पुलिस नाकाम साबित हो रही है। यही कारण है कि जैजैपुर, हसौद थाने क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से लेकर मुख्य मार्ग में संचालित ढाबों में दुगने दामों में देशी-विदेशी मदिरा को बड़े आसानी से खपा रहे है, या यूं भी कहा जा सकता है कि ढाबों में स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा खुला छूट प्रदान किया गया है।
जैजैपुर थाना अंतर्गत आज तक किसी बड़े मामले में पुलिस शराब माफिया तक ना तो आबकारी विभाग के हाथ पहुच सकी है नही प्रभारी महोदया का पहुंच सकी। कई वर्षों से जिले में शराब माफियाओं का सिंडीकेट संचालित हो रहा है। पुलिस को भी मालूम है कि शराब के कारोबार में कौन कौन लिप्त है। लेकिन शराब माफियाओ के सिर पर सफेदपोशाें का सरंक्षण मिलने से कानून के लंबे हाथ अवैध शराब के सिंडीकेट को तोड़ पाने में छोटे पड़ने लगी हैं।
विशेष बात ये है कि स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग के जिम्मेदार प्रभारी को सारी जानकारी होने के बाउजूद शराब के अवैध कोचियों व थोक अवैध विक्रेताओं पर सिकंज कसने के बजाए चुप्पी क्यू साधे हुई है दिखावे की कार्यवाही कर आला अधिकारियों के समक्ष कार्यवाही की वाहवाही लूटी जा रही है। क्षेत्र की जनता को जैजैपुर, हसौद पुलिस की सारी गतिविधियों का बखूबी जानकारी है? मिली सूत्रों की जानकारी के आधार पर जैजैपुर पुलिस के द्वारा मासिक प्रसाद रूपी चड़वा लेकर शराब के कारोबार में संलिप्त व्यक्तओं को संरक्षण देने का काम करती है।
हसौद के मुख्य मार्ग पर संचालित ढाबों में धड़ल्ले से देशी- विदेशी शराब को बड़े आसानी से दुगने दामों में खपाया जाता है, जबकि थाने के महज़ 500 मीटर के दूरी में ढाबे से लेकर रात में खुले ठेलों तक मे शराब का व्यपार किया जा रहा है। हसौद क्षेत्र के हर 10 किलोमीटर के ग्रामीण इलाकों बड़े पैमानों में कच्चे महुवा शराब कारोबार जोरों पर किया जाता है जीनके ऊपर कार्यवाही करने के लिए पुलिस सामने नहीं आ पा रही है, क्षेत्र की जनताओं को लगा था कि नए थानेदार के आने से अवैध कारोबार में लिप्त रसूखदारों के ऊपर कार्यवाही की लाठी प्रशासन की चलेगी लेकिन नए थानेदार की कार्यशैली को देख कर आम नागरिकों का पुलिस प्रशासन से भरोसा उठने लगा है।



