निर्माणाधीन मकान के सामने बोर खुदाई के मामले में हाईकोर्ट ने कलेक्टर को दिए निर्देश

4 सप्ताह के भीतर कानून के अनुसार शीघ्रता से निर्णय लेने का दिया आदेश!
सक्ती। निर्माणाधीन मकान के सामने बोर खुदाई के मामले में भूमि स्वामी द्वारा कलेक्टर की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट बिलासपुर की शरण ली है। मामले में हाईकोर्ट ने कलेक्टर को निर्देश दिया है कि वे याचिकाकर्ता के 10 अक्तूबर 2025 के लंबित अभ्यावेदन पर कानून के अनुसार शीघ्रता से आदेश प्राप्ति की तारीख से चार सप्ताह की अवधि के भीतर निर्णय लें। वही हीरा राम राठौर की याचिका पर कलेक्टर सक्ती, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सक्ती और सरपंच ग्राम सिरली को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी है कि विभाग के अधिकारियों ने ग्राम पंचायत के सदस्यों के साथ मिलकर याचिकाकर्ता की ज़मीन के सामने एक बोरवेल खोदा है, जो मुख्य द्वार के लिए छोड़ी गई खुली जगह पर है। बोरवेल खोदने के लिए जगह का चयन ग्रामीणों की द्वेषपूर्ण मंशा से किया गया है, जिसके विरुद्ध याचिकाकर्ता ने 10 अक्टूबर 2025 को प्रतिवादी क्रमांक 1 कलेक्टर के समक्ष एक प्रतिवेदन दायर किया। हालाँकि, आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कलेक्टर को याचिकाकर्ता के प्रतिवेदन पर निर्णय लेने और याचिकाकर्ता के निर्माणाधीन घर के सामने खोदे गए बोरवेल को हटाने का निर्देश देने का अनुरोध किया। राज्य के पैनल वकील ने प्रस्तुत किया कि चूंकि याचिकाकर्ता ने पहले ही प्रतिवादी संख्या 1 कलेक्टर के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत कर दिया है और वह केवल प्रतिवादी संख्या 1 के विरुद्ध कानून के अनुसार उसके लंबित अभ्यावेदन पर निर्णय लेने के लिए निर्देश मांग रहा है, इसलिए उसे कोई आपत्ति नहीं है। संबंधित पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना गया तथा अभिलेख पर उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन किया गया। न्यायाधीश ने मामले के तथ्यों, उठाई गई शिकायत की प्रकृति तथा इस रिट याचिका में उठाई गई शिकायत के निवारण के लिए अभ्यावेदन पहले से ही प्रतिवादी क्रमांक 1 कलेक्टर के समक्ष लंबित होने को ध्यान में रखते हुए मामले के गुण-दोष पर विचार करने के बजाय कलेक्टर को निर्देश जारी करके इस स्तर पर उक्त रिट याचिका का निपटारा करना उचित समझा है। रिट याचिका का निपटारा करने कलेक्टर को निर्देश दिया गया है कि वे याचिकाकर्ता के दिनांक 10.10.2025 के लंबित अभ्यावेदन पर कानून के अनुसार शीघ्रता से, अधिमानतः आदेश प्राप्ति की तारीख से चार सप्ताह की अवधि के भीतर निर्णय लें।
क्या है मामला
ग्राम पंचायत सिरली जनपद पंचायत जैजैपुर थाना सक्ती जिला सक्ती के मूल निवासी हीराराम राठौर जिला कोरबा में रहकर सक्रिय रूप से पत्रकारिता कर रहे हैं। श्री राठौर का सिरली में निजी जमीन है। जमीन डायवर्सन वाला है। उक्त निजी जमीन पर उनका अधूरा बना मकान है। निमार्णाधीन मकान के दरवाजे के सामने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सक्ती के कुछ अधिकारियों ने कुछ ग्रामीणों के साथ साठ गांठ कर जोर जबरदस्ती और दबंगई करते हुए बोर की खुदाई कर दी है। उक्त कृत्य को अंजाम देकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। शिकायत पत्र में कहा गया है कि निजी भूमि में बने मकान के दरवाजे के सामने बोर खुदाई करना पूर्ण रूप से गलत है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विभाग ने बोर खुदाई को लेकर नियमों को ताक पर रख दिया है। बिना प्रस्ताव और दस्तावेजी प्रकिया में भी झोल कर निजी डायवर्सन भूमि के सामने बोर की खुदाई की गई है। इस संबंध में भूमि स्वामी को भी किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी गई। कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर इस काम को अंजाम दिया गया है। वर्तमान में मकान निमार्णाधीन है, मगर जब मकान बनकर तैयार हो जाएगा और उसमें मकान स्वामी व उनका परिवार रहने लगेगा तो दरवाजे के ठीक सामने खोदे गए बोर से आना जाना मुश्किल हो जाएगा। इस तरह जानबूझकर मकान के सामने बोर खुदाई कर पीड़ित को मानसिक रूप से परेशान करने का काम विभाग के अधिकारियों ने किया है। शिकायतकर्ता ने जिस पर तत्काल रोक लगाते हुए ऐसे अधिकारियों व संबंधित जगह बताने वाले व्यक्ति के विरूध्द विधि सम्मत कड़ी कार्यवाही करने की मांग कलेक्टर से की है। शिकायत पत्र की प्रतिलिपि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सक्ती को भी दी गई है।






