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आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल व्यवस्था! परियोजना अधिकारी की लापरवाही से दर्जनों केंद्र बंद, खुले केंद्र भी महज दिखावा

क्या प्रशासन जागेगा या यूं ही दम तोड़ती रहेगी आंगनबाड़ी व्यवस्था?

जांजगीर-बम्हनीडीह। महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बम्हनीडीह ब्लॉक में लगातार बद से बदतर होती जा रही है। विभागीय परियोजना अधिकारी की सुस्ती और निरीक्षण में घोर लापरवाही के चलते दर्जनों आंगनबाड़ी केंद्र या तो सप्ताह भर से बंद पड़े हैं, या केवल औपचारिकता निभाने के लिए खोले जा रहे हैं।

स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो कई गांवों में आंगनबाड़ी केंद्रों के ताले तक नहीं खुलते। जहां खुले भी हैं, वहां न समय पर सेवाएं मिल रही हैं और न ही बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण सामग्री। केंद्रों में कार्यरत कार्यकर्ता और सहायिकाएं बेखौफ अपनी मनमानी कर रही हैं, क्योंकि उन्हें जवाबदेही तय करने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी नजर नहीं आ रहा।

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प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने का चल रहा खेल

सप्ताह में एकाध बार कुछ केंद्रों को खोलकर सिर्फ फोटो खिंचवा लेने और रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर देने से पूरे सिस्टम की पोल खुल रही है। बच्चों की उपस्थिति, पोषण वितरण और शिक्षा की व्यवस्था पूरी तरह से ठप है।

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गांवों में गूंज रहा ग्रामीणों का आक्रोश

कई गांवों के सरपंच और जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है ताकि बच्चों को पोषण और शुरुआती शिक्षा मिले, लेकिन बम्हनीडीह ब्लॉक में यह योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ चुकी है।

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जवाबदेही तय करने की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी को तत्काल हटाया जाए, सभी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर बंद पाए जाने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों के लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।अगर इसी तरह लापरवाही जारी रही, तो आने वाले समय में कुपोषण और शिक्षा की स्थिति और भी भयावह हो सकती है।

इस संबंध में जानकारी के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को फोन के माध्यम से संपर्क किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं किया जा सका।

आंगनबाड़ी केंद्र समय से पहले बंद हो रहे है तो कार्यवाही की जाएगी।

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रिचा तिवारी
परियोजना अधिकारी

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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