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छत्तीसगढ़ HC ने शिक्षा विभाग को लगाई फटकार! RTE सीटों पर ‘साय’ सरकार से मांगा जवाब

बिलासपुर। बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत आरक्षित सीटों में कमी को लेकर सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत हलफनामे में कई विरोधाभास पाए और इस पर असंतोष जताया।

सरकार के जवाब पर उठे सवाल
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि जब पहले करीब 85 हजार सीटें थीं, तो उनमें से लगभग 30 हजार सीटें कैसे कम हो गईं। इसके जवाब में इस बार संयुक्त सचिव द्वारा हलफनामा पेश किया गया, क्योंकि विभागीय सचिव चुनाव ड्यूटी में असम में तैनात हैं। हालांकि, कोर्ट इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिखा।

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शिकायतों के निपटारे पर विरोधाभास
हलफनामे में दुर्ग जिले की 118 शिकायतों में से 77 के समाधान का दावा किया गया, लेकिन कोर्ट में पेश दस्तावेजों में केवल 7 मामलों के निपटारे की पुष्टि हुई। इस अंतर को लेकर कोर्ट ने नाराजगी जताई और राज्य सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए।

सरकार का पक्ष: 54,875 छात्रों को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार ने सफाई देते हुए कहा कि 2026-27 सत्र में प्री-प्राइमरी स्तर पर RTE लागू नहीं होगा, क्योंकि कानून 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए है। सरकार के अनुसार, 35,335 पुराने छात्र कक्षा 1 में जाएंगे और 19,540 नए छात्रों को प्रवेश मिलेगा, जिससे कुल 54,875 छात्रों को लाभ मिलेगा।

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निजी स्कूलों की अनियमितताओं पर चिंता
सुनवाई के दौरान निजी स्कूलों की मनमानी भी सामने आई। कुछ स्कूलों पर फर्जी CBSE संबद्धता का दावा करने, मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने और अभिभावकों को धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगे। कोर्ट ने इन मामलों को बेहद गंभीर बताते हुए चिंता जताई।

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अगली सुनवाई 8 अप्रैल को
हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि वह सभी मुद्दों पर विस्तृत और स्पष्ट हलफनामा अगली सुनवाई से पहले प्रस्तुत करे। साथ ही लंबित जवाब भी जल्द दाखिल करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल 2026 को होगी, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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