जांजगीर-चांपा। स्नातक प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को का विषय सामने आया जिसको देखते हुए अभाविप तत्काल उसे विषय का अध्ययन क्या जिसमें पाया गया वैकल्पिक विषय जो टीसीएल महाविद्यालय में है जिसे विद्यार्थियों द्वारा स्वयं से चुना था परंतु महाविद्यालय विभाग ने स्वयं से विषय का विकल्प चुनकर विद्यार्थी को दे दिया विद्यार्थियों का कहना है उन्हें अपना विषय परिवर्तित करना जिसे महाविद्यालय द्वारा नहीं बदला जा रहा जबकि यूनिवर्सिटी से ऐसा कोई आदेश नहीं है कि वह विषय परिवर्तन नहीं कर सकते। इस विषय को लेकर विद्यार्थी परिषद ने प्रिंसिपल से बात की तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया साथ ही इस विषय को सहायक प्राध्यापक डॉ.M.R.बंजारे के पास उक्त विषय पर बात करने के लिए गए जिससे उन्होंने दुर्व्यवहार पूर्ण विद्यार्थियों से बात किया साथ ही चलो यहां से भागो जैसे शब्द का प्रयोग भी किया। इस प्रकार यह देखने को आया कि टीसीएल महाविद्यालय में स्टाफ द्वारा केवल बच्चों को गुमराह किया जा रहा है। साथ ही विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।