Reg No. CG-06-0026209
WhatsApp Image 2026-06-28 at 09.42.10
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

म्यूल अकाउंट गिरोह का पर्दाफाश: जांजगीर-चांपा साइबर थाना की बड़ी कार्रवाई, बैंक कर्मचारी सहित 5 आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा, 18 जुलाई। पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर जांजगीर-चांपा साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के लिए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बैंक कर्मचारी सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी कमीशन के लालच में अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते खुलवाकर देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

साइबर थाना पुलिस को समन्वय पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर जांच शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेन-देन की गहन पड़ताल में पता चला कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में दर्ज तीन अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में कुल 1 लाख 62 हजार 149 रुपये की ठगी की गई थी। जांच में सामने आया कि ठगी की यह राशि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए म्यूल खातों में ट्रांसफर की गई थी।

See also  सत्रह राज्यों के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के नरवा विकास का स्थल में जाकर किया अवलोकन... दल द्वारा लघु वनोपजों के प्रसंस्करण केन्द्र दुगली का भी भ्रमण...

पुलिस ने मामले में हरिशंकर श्रीवास (48), अनिल नामदेव उर्फ चेतन (33), राजेश सोनी उर्फ रिंकु सोनी (30), संदीप सिंह ठाकुर (36) और कमल विरानी (38) को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी बैंक कर्मचारी भी शामिल है, जिसकी भूमिका बैंक खाते खुलवाने और उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाने में सामने आई है।

पूछताछ के दौरान हरिशंकर श्रीवास ने बताया कि अनिल नामदेव और राजेश सोनी ने उसे 10 से 15 हजार रुपये कमीशन का लालच देकर बैंक खाता खुलवाने के लिए तैयार किया था। आगे की जांच में यह भी सामने आया कि संदीप सिंह ठाकुर और कमल विरानी ने भी अपने तथा अन्य लोगों के बैंक खाते खुलवाकर गिरोह के सदस्यों को उपलब्ध कराए। इन खातों का उपयोग साइबर ठग विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन ठगी की रकम मंगाने और उसे आगे ट्रांसफर करने के लिए करते थे, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना कठिन हो जाता था।

See also  इस सड़क की मरम्मत में PWD ने खर्च किए 50 लाख रुपए, फिर भी प्री मानसून में ही दोबारा दिखने लगे बड़े-बड़े गड्डे

क्या होता है म्यूल अकाउंट?

Advertisment

पुलिस के अनुसार म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है जिसे कोई व्यक्ति कमीशन या लालच में साइबर अपराधियों को उपयोग के लिए दे देता है। ऐसे खातों के माध्यम से ठगी की रकम एक खाते से दूसरे खाते में भेजी जाती है ताकि जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके। कानून के अनुसार अपना बैंक खाता इस तरह उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति भी अपराध में सहभागी माना जाता है और उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाती है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

साइबर थाना जांजगीर-चांपा ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, ओटीपी, पासवर्ड या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें। यदि कोई व्यक्ति बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले कमीशन का प्रस्ताव देता है तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।

See also  भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज, IFS समेत 3 अधिकारी निलंबित…

पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को होल्ड या वापस दिलाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

पुलिस ने बताया कि म्यूल अकाउंट नेटवर्क की जांच अभी जारी है और इस मामले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता के भी संकेत मिले हैं। आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना है।

इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, एएसआई विवेक सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा तथा साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!