म्यूल अकाउंट गिरोह का पर्दाफाश: जांजगीर-चांपा साइबर थाना की बड़ी कार्रवाई, बैंक कर्मचारी सहित 5 आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा, 18 जुलाई। पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर जांजगीर-चांपा साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के लिए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बैंक कर्मचारी सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी कमीशन के लालच में अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते खुलवाकर देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
साइबर थाना पुलिस को समन्वय पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर जांच शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेन-देन की गहन पड़ताल में पता चला कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में दर्ज तीन अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में कुल 1 लाख 62 हजार 149 रुपये की ठगी की गई थी। जांच में सामने आया कि ठगी की यह राशि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए म्यूल खातों में ट्रांसफर की गई थी।
पुलिस ने मामले में हरिशंकर श्रीवास (48), अनिल नामदेव उर्फ चेतन (33), राजेश सोनी उर्फ रिंकु सोनी (30), संदीप सिंह ठाकुर (36) और कमल विरानी (38) को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी बैंक कर्मचारी भी शामिल है, जिसकी भूमिका बैंक खाते खुलवाने और उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाने में सामने आई है।
पूछताछ के दौरान हरिशंकर श्रीवास ने बताया कि अनिल नामदेव और राजेश सोनी ने उसे 10 से 15 हजार रुपये कमीशन का लालच देकर बैंक खाता खुलवाने के लिए तैयार किया था। आगे की जांच में यह भी सामने आया कि संदीप सिंह ठाकुर और कमल विरानी ने भी अपने तथा अन्य लोगों के बैंक खाते खुलवाकर गिरोह के सदस्यों को उपलब्ध कराए। इन खातों का उपयोग साइबर ठग विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन ठगी की रकम मंगाने और उसे आगे ट्रांसफर करने के लिए करते थे, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना कठिन हो जाता था।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
पुलिस के अनुसार म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है जिसे कोई व्यक्ति कमीशन या लालच में साइबर अपराधियों को उपयोग के लिए दे देता है। ऐसे खातों के माध्यम से ठगी की रकम एक खाते से दूसरे खाते में भेजी जाती है ताकि जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके। कानून के अनुसार अपना बैंक खाता इस तरह उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति भी अपराध में सहभागी माना जाता है और उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाती है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
साइबर थाना जांजगीर-चांपा ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, ओटीपी, पासवर्ड या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को न दें। यदि कोई व्यक्ति बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले कमीशन का प्रस्ताव देता है तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।
पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को होल्ड या वापस दिलाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
पुलिस ने बताया कि म्यूल अकाउंट नेटवर्क की जांच अभी जारी है और इस मामले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता के भी संकेत मिले हैं। आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना है।
इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, एएसआई विवेक सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा तथा साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



