Reg No. CG-06-0026209
WhatsApp Image 2026-06-28 at 09.42.10
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

आज से होर्मुज में अमेरिका की नाकाबंदी… जहाजों की आवाजाही होगी ठप! दुनिया पर मंडराया तेल संकट

न्यूज डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में चली करीब 21 घंटे लंबी शांति वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। दोनों देश अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े रहे, जिसके चलते बातचीत विफल हो गई। इस असफलता के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ गया है।

होर्मुज स्ट्रेट बना टकराव का केंद्र
वार्ता टूटने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो भी जहाज ईरान को टोल देकर इस मार्ग से गुजरेंगे, उन्हें रोका जाएगा।वहीं, ईरान ने पलटवार करते हुए साफ कर दिया कि होर्मुज स्ट्रेट उसके नियंत्रण में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को टोल देना अनिवार्य होगा।

See also  बिलासपुर में रिवर व्यू रोड के नाम पर नदी से रेत निकाली; 60 करोड़ बढ़ी लागत…

समुद्री यातायात पर असर
अमेरिकी धमकी के बाद समुद्री व्यापार पर असर दिखने लगा है। समुद्री खुफिया एजेंसियों के अनुसार, कई जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया है या यात्रा रोक दी है। इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ सकता है।

तेल की कीमतों में तेज उछाल
तनाव बढ़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है।

  • अमेरिकी क्रूड ऑयल करीब 8% बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया
  • ब्रेंट क्रूड भी 7% उछलकर 102.29 डॉलर प्रति बैरल हो गया
    यह बढ़ोतरी आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों पर असर डाल सकती है।
See also  पुलिस अधीक्षक को भेजे गए फर्जी नोटिस के जरिए पत्नि को फसाने की कोशिश हुई फेल, 08 जिलों के एसपी को भेजा गया फर्जी नोटिस, कोरिया पुलिस ने की त्वरित कार्यवाही, आबकारी उप निरीक्षक दिलीप प्रजापति को किया गिरफ्तार...

भारत पर संभावित प्रभाव
भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बन सकती है। ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत वैकल्पिक मार्गों जैसे चाबहार पोर्ट और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) पर ध्यान बढ़ा सकता है।

Advertisment

तेल संकट का बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका नाकेबंदी लागू करता है और ईरान इसका विरोध करता है, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। इससे सीजफायर भी खतरे में पड़ सकता है और वैश्विक स्तर पर तेल व गैस की किल्लत बढ़ सकती है।

क्या आगे और बढ़ेगा संकट?
वर्तमान हालात संकेत दे रहे हैं कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ, तो यह केवल कूटनीतिक विवाद नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक आर्थिक संकट का रूप भी ले सकता है। आने वाले दिनों में बाजार, तेल कीमतें और अंतरराष्ट्रीय संबंध—तीनों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

See also  कलाकार हर जगह होते है बस देर होती हैं उन्हें मंच मिलने की : शिवाकांत राठौर...

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!