गृह जिले में पोस्टिंग,रेंजरों से 10% कमीशन की उगाही डंके की चोंट पर, आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है मनेंद्रगढ़ फॉरेस्ट एस डी ओ ठाकुर को…

गृह जिले में पोस्टिंग,रेंजरों से 10% कमीशन की उगाही डंके की चोंट पर,
आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है मनेंद्रगढ़ फॉरेस्ट एस डी ओ ठाकुर को
मनेंद्रगढ़। गौरतलब हो की जिस तरह हर दिन मनेंद्रगढ़ वन मंडल के अधिकारी क्यों न डी एफ ओ,प्रभारी रेंजर हों या यहां पदस्थ एस डी ओ सभी अपनी कारगुजारी से सुर्खियों में लगातार बने हुए रहते हैं। उससे अब राज्य सरकार की व्यवस्था प्रणाली पर भी उंगली उठना शुरू हो गया है। मनेंद्रगढ़ वन मंडल में भ्रष्टाचार की सीमा को एस डी ओ जैसे अधिकारी भी लांघकर भ्रष्टाचार की बहती गंगा में अपना हाथ ही नहीं धो रहे बल्कि पूरी तरह डूबकर गोते लगा रहे हैं। कह सकते हैं की कमीशन खोरी की खुलेआम डिमांड ने वन विभाग को पूरी तरह बदनाम कर रखा है। साथ अध्यन का विषय बन चुका है की ऊपर से लेकर नीचे तक की कमीशन खोरी में ही कार्यों की आबंटित राशि आधी हो जाती है तो धरातल पर काम कैसे होता होगा। जबकि दबी जुबान रेंजरों ने भी एस डी ओ मनेंद्रगढ़ द्वारा लिए जा रहे भारी कमीशन को कार्यों में राशि बाधा का आरोप लगाया है और अपनी आप बीती कहा है। आपको जानकर हैरानी होगी की मनेंद्रगढ़ वन मंडल में पदस्थ एस डी ओ एम सी बी जिले के स्थानीय निवासी हैं बावजूद इसके इनकी पोस्टिंग गृह जिले में किया जाना कहीं न कहीं ऊपर से मिलीभगत को भी पुख्ता करता है। वर्ना इतनी सुर्खियां बटोरने के बाद जनाब कमीशन खोर एस डी ओ अब तक काफी दूर फेंक दिए गए होते। वहीं दूसरी तरफ भी जनाब एस डी ओ साहब द्वारा विभाग के प्रति उनकी भूमिका की बात करें तो उगाही को ऊपर का आदेश बताकर राजधानी में बैठे अधिकारियों को भी बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
राजा कुट्टी के चारा कुट्टी में भी जाता है हिस्सा कहते हैं जनाब एस डी ओ साहब,,,
चौंक गए ना, जी फॉरेस्ट एस डी ओ मनेंद्रगढ़ खुद की करनी दूसरों के सर थोपने की उम्दा कला बाजी अपनाते हैं। पर जनाब नए नवाड़े ये नही जानते की उनकी इस कलाबाजी और करतूत से राज्य का वन अमला भलीभांति परिचित हो चुका है।वजह सीधे तौर पर राजधानी से जुड़े वन विभाग के अन्य अधिकारी वहां तक इन बातों को सीधा पहुंचा रहे हैं। तो जाहिर सी बात है की मनेंद्रगढ़ वन मंडल के रेंजरों के सर जिस राजा कुट्टी के नाम भारी भरकम कमीशन का ठीकरा फोड़ा जा रहा है। जनाब अकबर बादशाह के नवरत्नों में से एक राजा मान सिंह तक यह बात भी पहुंचा दी जाएगी।ऐसे में क्या अपने ही सरकार की किरकिरी कराने में अमादा हो सकते हैं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि जिनका कहीं न कहीं उक्त एस डी ओ को संरक्षण प्राप्त है। और कमीशन खोरी की कुर्सी बरकरार है।



