प्राइवेट या सरकारी, किस बैंक का लॉकर पड़ता है सस्ता?

मुंबई : अपनी कमाई, ज्वैलरी, जरूरी कागजात और कीमती सामानों को सुरक्षित रखना बेहत जरूरी होता है. कई बार घर में रखने से इनके चोरी होने का खतरा रहता है. ऐसे में अगर आप अपने कीमती सामानों को किसी सुरक्षित जगह पर रखना चाहते हैं, तो उसके लिए बैंक लॉकर एक सेफ जगह मानी जाती है. लेकिन बैंक लॉकर भी अलग-अलग होते हैं, जैसे कि प्राइवेट बैंक के लॉकर और सरकारी बैंक के लॉकर. आइए हम आपको बताते हैं कि आपके लिए सरकारी लॉकर ज्यादा सस्ता पड़ेगा या फिर प्राइवेट लॉकर.
सभी बैंकों को लॉकर शुल्क अलग-अलग होते हैं. गांव, शहर और मेट्रो सिटीज की तर्ज पर भी इनके दामों में भिन्नता होती है. हम आपको सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और प्राइवेट बैंक HDFC, ICICI बैंक के शहर और मेट्रो सिटीज के किराए के बारे में बताएंगे.
SBI का लॉकर शुल्क
SBI के लॉकर का शुल्क हर शाखा और शहर के हिसाब से अलग होता है. वहीं, लॉकर की साइज के हिसाब से भी पैसे कम और ज्यादा रहते हैं. अर्बन और मेट्रो शहर में छोटे लॉकर के लिए सालाना शुल्क 2,000 + GST, मध्यम के लिए 4,000 + GST और बड़े लॉकर के लिए 8,000 + GST और एक्स्ट्रा बड़ा (Extra Large) ₹12,000 + GST देना होता है.
पीएनबी के लॉकर की फीस
पीएनबी भी एक सरकारी बैंक है. जो कि सेमी-अर्बन और अर्बन सिटीज से हिसाब से अलग-अलग है.

HDFC बैंक की लॉकर फीस
एचडीएफसी बैंक के मेट्रो, अर्बन और सेमी-अर्बन शहरों में लॉकर फीस अलग-अलग है. फीस सालाना आधार पर एडवांस में जमा कराई जाती है और उसमें जीएसटी नहीं जुड़ा होता है.




