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28 वर्षों का इंतजार खत्म, जांजगीर-चांपा में शुरू हुआ क्षेत्रीय पर्यावरण कार्यालय
पांच अधिकारियों की नियुक्ति के साथ कामकाज प्रारंभ, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को मिलेगी नई गति

जांजगीर-चांपा। जिले के विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। लगभग 28 वर्षों से प्रतीक्षित क्षेत्रीय पर्यावरण कार्यालय अब जांजगीर-चांपा जिले में प्रारंभ हो चुका है। कार्यालय का सेटअप तैयार होने और पांच अधिकारियों की नियुक्ति के बाद कामकाज भी शुरू हो गया है। इसे जिले के प्रशासनिक विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भाजपा जिला प्रवक्ता विकास शर्मा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जिले में क्षेत्रीय पर्यावरण कार्यालय की स्थापना लंबे समय से आवश्यक महसूस की जा रही थी। अब इस आवश्यकता के पूरा होने से पर्यावरण विभाग से संबंधित कार्यों के लिए जिले को सुविधा मिलेगी और विभागीय गतिविधियों के संचालन में भी सहूलियत होगी।
प्रभारी मंत्री के समक्ष रखी गई थी कार्यालय खोलने की मांग
विकास शर्मा ने बताया कि विगत 2 मई को जिले के प्रभारी मंत्री एवं छत्तीसगढ़ शासन के वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के जिला प्रवास के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष अंबेश जांगड़े के साथ जिले में क्षेत्रीय पर्यावरण कार्यालय खोलने की मांग रखी गई थी। इस मांग के पीछे जिले में पर्यावरण संबंधी कार्यों को सुचारु बनाने और नागरिकों को विभागीय सेवाओं के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का उद्देश्य था।
उन्होंने बताया कि मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस मांग पर सकारात्मक पहल करते हुए त्वरित कार्रवाई की और जांजगीर-चांपा में क्षेत्रीय पर्यावरण कार्यालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की। इसके बाद कार्यालय शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी और अब कार्यालय का सेटअप तैयार कर पांच अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है। कार्यालय में कामकाज शुरू होना जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पर्यावरण संबंधी कार्यों के लिए मिलेगी स्थानीय स्तर पर सुविधा
क्षेत्रीय पर्यावरण कार्यालय के प्रारंभ होने से जिले में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों के संचालन को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके माध्यम से विभागीय गतिविधियों के बेहतर समन्वय और पर्यावरण से संबंधित मामलों में आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी। स्थानीय स्तर पर कार्यालय उपलब्ध होने से संबंधित कार्यों के लिए नागरिकों और विभिन्न संस्थानों को भी सहूलियत मिल सकती है।
विकास शर्मा ने कहा कि आज के समय में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी अत्यंत आवश्यक है। औद्योगिक गतिविधियों, शहरी विस्तार और अन्य विकास कार्यों के बीच पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में जिले में क्षेत्रीय पर्यावरण कार्यालय का शुरू होना विभागीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।
28 वर्षों से लंबित आवश्यकता हुई पूरी
भाजपा जिला प्रवक्ता ने कहा कि लगभग 28 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद जिले में क्षेत्रीय पर्यावरण कार्यालय का प्रारंभ होना केवल एक कार्यालय की स्थापना नहीं, बल्कि जिले की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आवश्यकता की पूर्ति है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि जनहित से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाने और शासन स्तर पर सकारात्मक पहल करने से लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जिले के विकास के लिए प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। स्थानीय स्तर पर विभागीय कार्यालयों की उपलब्धता से आम नागरिकों को सुविधा मिलती है और संबंधित कार्यों के निष्पादन में भी सहयोग प्राप्त होता है। क्षेत्रीय पर्यावरण कार्यालय का संचालन शुरू होने से जांजगीर-चांपा में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री के प्रति जताया आभार
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए विकास शर्मा ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा जिले के प्रभारी मंत्री एवं वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष अंबेश जांगड़े के सहयोग के लिए भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
विकास शर्मा ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले के लिए यह गौरव का विषय है कि 28 वर्षों से प्रतीक्षित क्षेत्रीय पर्यावरण कार्यालय अब प्रारंभ हो चुका है। हमारा संकल्प सदैव जनहित, जिले के विकास और आम नागरिकों की सुविधाओं को प्राथमिकता देना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मंत्री ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि क्षेत्रीय पर्यावरण कार्यालय के प्रारंभ होने से जिले में पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कार्यों को गति मिलेगी तथा प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि जिले के विकास के साथ पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी आवश्यक है और इस दिशा में कार्यालय की भूमिका महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।



