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“अच्छे दिन चंद उद्योगपति मित्रों के आए, आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया” — कांग्रेस

“इथेनॉल के लिए गन्ना मोड़ा, अब 10 लाख टन शक्कर आयात की नौबत क्यों?” — चीनी सत्याग्रह में कांग्रेस ने केंद्र से मांगा जवाब

जांजगीर-चांपा। कभी आम आदमी की रसोई की सामान्य जरूरत मानी जाने वाली शक्कर, प्याज, खाद्य तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के घरेलू बजट को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसी महंगाई और केंद्र की भाजपा सरकार की कथित जनविरोधी आर्थिक नीतियों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा स्थानीय शहीद स्मारक कचहरी चौक के पास “एक दिवसीय चीनी सत्याग्रह” आयोजित किया गया। सत्याग्रह में विधायक ब्यास कश्यप, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर तत्काल नियंत्रण और आम जनता को महंगाई से राहत देने की मांग की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 2014 में आम आदमी से “अच्छे दिनों” का वादा किया गया था, लेकिन आज वास्तविकता यह है कि अच्छे दिन सरकार के चंद उद्योगपति मित्रों के आए हैं, जबकि आम आदमी के लिए दो वक्त की रसोई चलाना तक मुश्किल होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महंगाई केवल आंकड़ों का विषय नहीं है। जब शक्कर, खाद्य तेल, प्याज, पेट्रोल-डीजल और अन्य रोजमर्रा की जरूरतों के दाम बढ़ते हैं तो इसका सीधा असर मजदूर, किसान, कर्मचारी, छोटे व्यापारी और मध्यमवर्गीय परिवार की आय पर पड़ता है।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि “सरकार के करीबी उद्योगपति यदि लगातार समृद्ध हो रहे हैं और दूसरी तरफ आम परिवार अपने महीने के बजट को संभालने के लिए संघर्ष कर रहा है, तो सरकार को यह बताना होगा कि उसके ‘अच्छे दिन’ आखिर किसके लिए आए हैं?”
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने की नीति के तहत गन्ने और उससे प्राप्त उत्पादों का एक हिस्सा इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल किया जा रहा है। इथेनॉल उत्पादन बढ़ाना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन इसके साथ घरेलू शक्कर की उपलब्धता और कीमतों का संतुलन बनाए रखना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि गन्ने की उपलब्धता का एक बड़ा हिस्सा इथेनॉल उत्पादन की दिशा में जाता है और इसके बाद घरेलू बाजार में शक्कर की उपलब्धता प्रभावित होती है तथा सरकार को करीब 10 लाख टन शक्कर आयात करने की आवश्यकता पड़ती है, तो सरकार को जनता के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा—एक ओर इथेनॉल उत्पादन बढ़ाने की नीति, दूसरी ओर घरेलू बाजार में महंगी शक्कर और अब बड़ी मात्रा में शक्कर आयात करने की मजबूरी—सरकार बताए कि इस पूरी नीति में आम उपभोक्ता के हितों की सुरक्षा कहां है?”
उन्होंने कहा कि सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि इथेनॉल के लिए गन्ने के उपयोग, घरेलू शक्कर की मांग, उत्पादन, बफर स्टॉक और आयात के बीच संतुलन बनाने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महंगाई के सवाल पर सरकारी आंकड़े स्वयं स्थिति की गंभीरता बताते हैं। जुलाई 2014 में राज्यसभा में प्रस्तुत सरकारी आंकड़ों के अनुसार अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य शक्कर का लगभग ₹36 प्रति किलो था, जबकि उपभोक्ता मामलों के विभाग के मूल्य निगरानी तंत्र के अनुसार 4 सितंबर 2026 को अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत ₹61.93 प्रति किलो दर्ज की गई।
कांग्रेस ने कहा कि यह वृद्धि आम परिवार की क्रय शक्ति पर पड़ रहे दबाव को स्पष्ट करती है। प्याज और खाद्य तेल जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल रही हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता को यह सलाह देना कि “कम चीनी खाइए” या “कम गाड़ी चलाइए” महंगाई का समाधान नहीं है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि महंगाई पर सरकार को भाषण नहीं, जवाबदेही और समाधान देना होगा। जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी कार्रवाई, पर्याप्त बफर स्टॉक, आयात-निर्यात नीति में संतुलन और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि “चीनी सत्याग्रह केवल शक्कर के दाम के खिलाफ आंदोलन नहीं है, बल्कि यह आम आदमी की रसोई, उसकी आय, उसकी क्रय शक्ति और सम्मानजनक जीवन के अधिकार की लड़ाई है। कांग्रेस जनता की आवाज को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाती रहेगी और महंगाई के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
कार्यक्रम को विधायक व्यास कश्यप, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिनेश शर्मा, विवेक सिसोदिया, भगवान दास गढ़वाल, शिशिर द्विवेदी, हरप्रसाद साहू, राइस किंग खूंटे, गौरव सिंह, घासीराम चौहान, अजय शशि जगत, मनोरमा पाटेकर, महेश्वर टंडन, सुनील साधवानी सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।
कार्यक्रम का संचालन जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष रफीक सिद्दीकी ने तथा आभार प्रदर्शन नगर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रामविलास राठौर ने किया।
इस दौरान रफीक खान, सीमाराजू शर्मा, मुस्कान परवीन, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षगण, रविन्द्र शर्मा, बबला महाराज, नवल सिंह, पंकज शुक्ला, चंद्रप्रकाश ओग्रे, किशन सोनी, हरीश पांडे, अनिल मोदी, शाश्वत धर दीवान, राघवेंद्र सिंह सिसोदिया, पवन कश्यप, मोहम्मद अली, परमेश्वर निर्मले, प्रिंस शर्मा, अरमान खान, अक्षय टेकाम, श्रीमती जगदीश्वरी, रवि सूर्यवंशी, रेखा सोनवान, संतोष गढ़वाल बोबई, राजा सिद्दीकी, अतीक कुरैशी, बेदी यादव, राजा खान, चंपा प्रधान, अंजली देवांगन, कविता देवांगन, अजय शशि जगत, निर्मला बरेठ, घासीराम चौहान, द्वारिका यादव, अंशु यादव, उमाशंकर साव, किशन आदित्य, महेश खरे, मोहन लाल गौड़, राजाराम पांडे, प्रदीप यादव, अमन अग्रवाल, तनवीर आलम, कमलेश ताम्रकार, गोलू गढ़वाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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